🙏 भजन संग्रह 🙏
॥ मोहन आवो तो सही ॥
॥ भजन ॥
इकली खड़ी रे मीरा बाई इकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी,
थे केहवो तो सांवरा मैं मोर मुकुट बन जाऊं,
पेहरण लागे साँवरों रे, मस्तक पर राम जाऊं,
आवो तो सही गिरधर आवो तो सही.......
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी, ॥1॥
थे केहवो तो सांवरा मैं काजलियो बन जाऊं,
नैन लगावे साँवरों रे, नैना में रम जाऊं,
आवो तो सही गिरधर आवो तो सही.......
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी, ॥2॥
थे केहवो तो सांवरा मैं जल जमुना बन जाऊं,
न्हावन लागे साँवरों रे, अंग अंग रम जाऊं रे,
आवो तो सही गिरधर आवो तो सही.....
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी, ॥3॥
थे केहवो तो सांवरा मैं पुष्प हार बन जाऊं,
कंठ में पहरे साँवरों रे, हिवड़ा पर रम जाऊं,
आवो तो सही गिरधर आवो तो सही.......
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी, ॥4॥
थे केहवो तो सांवरा मैं पग पायल बन जाऊं,
नाचन लागे साँवरों रे, चरणा में रम जाऊं,
आवो तो सही गिरधर आवो तो सही.......
माधव रे मंदिर में मीरा भाई इकली खड़ी, ॥5॥